Class 12th Latest Hindi Model Paper 2026 – UP Board New Question Paper 2026 | UPMSP ऐसा ही आयेगा?

Class 12th Hindi Model Paper 2026- UP Board New Question Paper 2026 session 2025-26 UPMSP ऐसा ही आयेगा?

UP Board Class 12 Hindi Model Paper 2026 जारी हो गया है। यह पेपर 2025–26 सेशन के विद्यार्थियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यूपी बोर्ड (UPMSP) ने नया प्रश्नपत्र पैटर्न लागू किया है, जिससे छात्रों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी में आसानी होगी। इस मॉडल पेपर में पूछे जाने वाले संभावित प्रश्न, अंक विभाजन और परीक्षा पैटर्न की झलक मिलती है। Class 12 Hindi Model Paper 2026, UP Board Hindi Question Paper 2026. UPMSP Hindi Model Paper 2026. 12th Hindi Paper UP Board 2026. Class 12 Hindi New Question Paper 2026

यदि आप Class 12th Hindi Board Exam 2026 में अच्छे अंक लाना चाहते हैं तो इस नए मॉडल पेपर को जरूर देखें। इसमें गद्य, पद्य, अपठित गद्यांश, पत्र लेखन, निबंध, व्याकरण और अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।
नाम…………………………….                                                             मुद्रित पृष्ठों की कुल संख्या : 7

अनुक्रमांक…………………..

102                                                                                               302(DS)

                                                         2026

                                                  सामान्य हिन्दी

समय: तीन घण्टे 15 मिनट                                                                            पूर्णांक: 100

निर्देश:

नोट:   (i) प्रारम्भ के 15 मिनट परीक्षार्थियों को प्रश्न.पत्र पढ़ने के लिए निर्धारित हैं।

           (ii) इस प्रश्न पत्र में दो खण्ड हैं। दोनों खण्डों के सभी प्रश्नों के उत्तर देना अनिवार्य हैं।

(खण्ड क)

  1. क) हिन्दी एकांकी का जनक माना जाता है :                1

(i) मोहन राकेश को                                 (ii) विष्णु प्रभाकर को

(iii) उदयशंकर भट्ट को                            (iv) डॉ० रामकुमार वर्मा

ख)      श्री चन्द्रावली‘ नामक नाटक‘ के लेखक हैं :                                                 1

(i) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र                                 (ii) जयशंकर प्रसाद

(iii) हरिकृष्ण प्रेमी                                   (iv) श्रीनिवास दास।

ग)       साहित्य और समाज‘ निबन्ध के लेखक हैं :                                                   1

 (i) कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर‘                 (ii) डॉ० हजारीप्रसाद द्विवेदी

(iii) प्रो० जी० सुन्दर रेड्डी                        (iv) वासुदेवशरण अग्रवाल।

घ)      वारिस‘ कहानी-संग्रह है :                                                                            1

 (i) कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर‘ का            (ii) मोहन राकेश का

(iii) प्रो० जी० सुन्दर रेड्डी                        (iv) अज्ञेय‘ का

ङ)      पाणिनि कालीन भारत‘ के लेखक हैं :                                                          1

(i) हजारीप्रसाद द्विवेदी                             (ii) मोहन राकेश                

(iii) वासुदेवशरण अग्रवाल                      (iv) कन्हैयालाल

  1. क) हिन्दी साहित्य के आदिकाल के लिए ‘सिद्ध सामन्तकाल‘ नाम दिया है :                1

(i) राहुल सांकृत्यायन ने                           (ii) रामचन्द्र शुक्ल

(iii) रामकुमार वर्मा ने                                        (iv) डॉ० नगेन्द्र

ख)     पाणिनिकालीन भारत‘ शोध प्रबन्ध है :                                                                 1

(i) वासुदेवशरण अग्रवाल का                   (ii) मोहन राकेश का

(iii) प्रो० जी० सुन्दर रेड्डी का                  (iv) हरिशंकर परसाई

ग)       कामायनी‘ में सर्गों की संख्या है:                                                                  1

(i) सत्रह सर्गों                                         (ii) अट्ठारह सर्गों

(iii) चौदह सर्गों                                      (iv) पन्द्रह सर्गों

घ)      प्रगतिशील लेखक संघ‘ की स्थापना हुई थी :                                                1

(i) सन् 1935 में                                       (ii) सन् 1938 में

(iii) सन् 1936 में                                     (iv) सन् 1943 में

ङ)      कविता में चार चाँद लगाने वाली शक्ति है :                                                   1

(i) अभिधा                                             (ii) लक्षणा

(iii) व्यंजना                                         (iv) तात्पर्या

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  1. निम्नलिखित गद्यांश का सन्दर्भ देते हुए किसी एक के नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:   5× 2=10

आज जिसे हम बहुमूल्य संस्कृति मान रहे हैं, वह क्या ऐसी ही बनी रहेगी? सम्राटों-सामंतों ने जिस आचारनिष्ठा को इतना मोहक और मादक रूप दिया था, वह लुप्त हो गई; धर्माचार्यों ने जिस ज्ञान और वैराग्य को इतना महार्घ समझा था, वह लुप्त हो गया; मध्ययुग के मुसलमान रईसों के अनुकरण पर जो रस-राशि उमड़ी थी, वह वाष्प की भाँति उड़ गयी, क्या यह मध्ययुग के कंकाल में लिखा हुआ व्यावसायिक युग का कमल ऐसा ही बना रहेगा? महाकाल के प्रत्येक पदाघात में धरती धसकेगी। उसके कुंठनृत्य की प्रत्येक चारिका कुछ-न-कुछ लपेटकर ले जायेगी। सब बदलेगा, सब विकृत होगा – सब नवीन बनेगा।

(i) ‘महार्घ‘ एवं ‘पदाघात‘ का क्या अर्थ है?

(ii) प्रदान या पदाचा ककया। अर्थ को बात कही गई  है?

(iii) महाकाल के प्रत्येक पदाघात में क्या होगा?

(iv) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।

(v) पाठ का शीर्षक और लेखक का नाम बताइए।

अथवा

भाषा की साधारण इकाई शब्द है, शब्द के अभाव में भाषा का अस्तित्व ही दुरूह है। यदि भाषा मे विकसनशीलता शुरू होती है तो शब्दों के स्तर पर ही। दैनंदिन सामाजिक व्यवहारों में हम कई ऐसे नवीन शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, जो अंग्रेजी, अरबी, फारसी आदि विदेशी भाषाओं से उधार लिये गये हैं। वैसे ही नये शब्दों का गठन भी अनजाने में अनायास ही होता है। ये शब्द, अर्थात् उन विदेशी भाषाओं से सीधे अविकृत ढंग से उधार लिये गये शब्द, भले ही कामचलाऊ माध्यम से प्रयुक्त हों, साहित्यिक दायरे में कदापि ग्रहणीय नहीं। यदि ग्रहण करना पड़े तो उन्हें भाषा की मूल प्रकृति के अनुरूप साहित्यिक शुद्धता प्रदान करनी पड़ती है। यहाँ प्रयत्न की आवश्यकता प्रतीत होती है।

(i) भाषा की साधारण इकाई क्या है?

(ii) भाषा के अस्तित्व के लिए किसका होना आवश्यक है?

(iii) ‘अस्तित्व‘ एवं ‘अनायास‘ शब्दों का अर्थ लिखिए?

(iv) रेखांकित अंशों की व्याख्या कीजिए।

(v) पाठ का शीर्षक और लेखक का नाम बताइए।

  1. निम्नलिखित पद्यांश का सन्दर्भ देते हुए किसी एक के नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:            5 × 2=10

मर्त्य मानव की विजय का तूर्य हूँ मैं,

उर्वशी ! अपने समय का सूर्य हूँ मैं

अंध तम के भाल पर पावक जलाता हूँ

बादलों के सीस पर स्यन्दन चलाता हूँ।

पर, न जाने, बात क्या है !

इन्द का आयुध पुरुष जो झेल सकता है,

सिंह से बाँहें मिलाकर खेल सकता है,

फूल के आगे वही असहाय हो जाता,

शक्ति के रहते हुए निरुपाय हो जाता।

विद्ध हो जाता सहज बंकिम नयन के बाण से,

जीत लेती रूपसी नारी उसे मुस्कान से।

(i) पुरुखा ने किसके समक्ष असहाय हो जाने का उल्लेख किया है?

(ii) शक्तिशाली एवं बलशाली व्यक्ति भी किससे घायल हो जाता है?

(iii) इस काव्यांश में कौन सा रस है?

(iv) रेखांकित अंश का भावार्थ क्या है?

(v) पाठ का शीर्षक और कवि का नाम लिखिए।

अथवा

मुझे फूल मत मारो,

मैं बाला अबला वियोगिनी, कुछ तो दया बिचारो।

होकर मधु के मीत मदन, पटु, तुम कटु, गरल न गारो,

मुझे विकलता, तुम्हें विफलता, ठहरो, श्रम परिहारो।

नहीं भोगिनी यह मैं कोई, जो तुम जाल पसारो,

बल हो तो सिन्दूर-बिन्दु यह-यह हरनेत्र निहारो !

रूप-दर्प कन्दर्प, तुम्हें तो मेरे पति पर वारो,

लो, यह मेरी चरण-धूलि उस रति के सिर पर धारो।

(i) ‘उर्मिला‘ किसको न सताने के लिए अनुनय-विनय कर रही हैं?

(ii) प्रस्तुत पंक्तियों में कौन सा रस है?

(iii) उर्मिला चेतावनी के रूप में कामदेव से किसे देखने के लिए कह रही है?

(iv) रेखांकित अंश का भावार्थ क्या है?

(v) पाठ का शीर्षक और कवि का नाम लिखिए।             

  1. क) निम्नलिखित में से किसी एक लेखक का जीवन परिचय देते हुए उनकी कृतियों का उल्लेख कीजिए – (अधिकतम शब्द.सीमा 80 शब्द)             5

          (i) हजारी प्रसाद द्विवेदी        (ii) कन्हैयालाल मिश्र श्प्रभाकर      (iii) प्रो0 जी0 सुंदर रेड्डी

ख) निम्नलिखित में से किसी एक कवि का जीवन परिचय देते हुए उनकी कृतियों का उल्लेख  कीजिए – (अधिकतम शब्द-सीमा 80 शब्द)                   5

          (i) भारतेंदु हरिश्चन्द्र              (ii) सुमित्रानंदन पंत                       (iii) मैथिलीशरण गुप्त

  1. बहादुर अथवा ‘पंचलाइट‘ कहानी का उद्देश्य अपने शब्दों में लिखिए।     (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)     5

अथवा

‘बहादुर‘ कहानी के उद्देश्य पर प्रकाश डालिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)

  1. स्वपठित खण्डकाव्य के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों में से किसी एक प्रश्न का संक्षिप्त उत्तर दीजिए- (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)            5

i) रश्मिरथी खण्डकाव्य के आधार पर कर्ण की चारित्रिक विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

अथवा

रश्मिरथी खण्डकाव्य की प्रमुख घटना का वर्णन कीजिए।

ii) सत्य की जीत खण्डकाव्य के आधार पर प्रमुख पात्र का चरित्र-चित्रण कीजिए।

अथवा

सत्य की जीत खण्डकाव्य की प्रमुख घटना का उल्लेख कीजिए।

iii) हर्षवर्धन की चारित्रिक विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

अथवा

 मुक्तियज्ञ खण्डकाव्य के नायक का चरित्र.चित्रण कीजिए।

iv) त्यागपथी खण्डकाव्य के प्रमुख नारी पात्र की चारित्रिक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।

अथवा

त्यागपथी खण्डकाव्य की विशेषताएँ लिखिए।

v) आलोकवृत्त खण्डकाव्य की प्रमुख घटनाओं का वर्णन कीजिए।

अथवा

 आलोकवृत्त खण्डकाव्य की सामान्य विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

vi) श्रवणकुमार खण्डकाव्य की विशेषताएँ लिखिए।

अथवा

 श्रवणकुमार खण्डकाव्य की प्रमुख घटना को अपने शब्दों में लिखिए।

(खण्ड-ख)

  1. i) निम्नलिखित संस्कृत गद्यांश का सन्दर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए-           2+5=7

अव्रीर्ते प्रथमकल्पे जनाः एकमभिरूपं सौभाग्यप्राप्तं सर्वाकारपरिपूर्णपुरुष राजानमकुर्वन। चतुष्पदा अपि सन्निपत्य एक सिंह राजानमकुर्वन। ततः शकुनिगणाः हिमवत-प्रदेशे एकस्मिन पाषाणे सन्निपत्य मनुष्येषु राजाप्रज्ञायते तथा चतुष्पदेषु च। अस्माकम् पुनरन्तरे राजा नास्ति। अराजको वासो नाम न वर्तते ।

अथवा

अस्य निर्माणाय अयं जनान् धनम् अयाचत्। जनाश्च महत्यस्मिन् ज्ञानयज्ञे प्रभूतं धनमस्मै प्रयच्छन्, तेन निर्मितोऽयं विशालः विश्वविद्यालयः भारतीयानां दानशीलतायाः श्रीमालवीयस्य यशसः च प्रतिमूर्त्तिरिव विभाति। साधारणस्थितिकोऽपि जनः महतोत्साहेन मनस्वितया, पौरुषेण च असाधारणमपि कार्यं कर्तुं क्षमः इत्यदर्शयत् मनीषिमूर्धन्यः मालवीयः एतदर्थमेव जनास्तं महामना इत्यपाधिना अभिधातु मारब्धवन्तः। महामना विद्वान् वक्ता, धार्मिको नेता, पटुः पत्रकारश्चासीत्।

  1. ii) निम्नलिखित श्लोकों का हिन्दी में ससन्दर्भ अन्‌याद कीजिए-                          2+5=7

अर्द्ध दानववैरिणा गिरिजयाप्यर्द्ध शिवस्याहृतम्।

देवेत्थं जगतीतले पुरहराभावे समुन्मीलति ।।

गङ्गा सागरमम्बरं शशिकला नागाधिपः क्ष्मातलम्।

सर्वज्ञत्वमधीश्वरत्वमगमत् त्वां मां तु भिक्षाटनम् ।।

अथवा

प्रीणाति यः सुचरितैः पितरं स पुत्रो

यद् भर्तुरेव हितमिच्छति तत् कलत्रम् ।

तन्मित्रमापदि सुखे च समक्रियं यद्

एकत्त्रयं जगति पुण्यकृतो लभन्ते ॥

  1. निम्नलिखित लोकोक्तियों और मुहावरों में से किसी एक का अर्थ लिखते हुए अपने शब्दों में वाक्य प्रयोग कीजिए :                               1+1=2

(क) नहले पर देहला

(ख)  छाती पर साँप लोटना

(ग) आंख का तारा

(घ)  अधजल गगरी छलकत जाय

  1. अपठित गद्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिएः

कुछ कार्य ऐसे भी होते हैं, जो अनेक छोटे-छोटे कर्मों की समष्टि जैसे होते हैं। उदाहरणार्थ, यदि हम समुद्र के किनारे खड़े हों और लहरों को किनारे से टकराते हुए सुनें, तो ऐसा मालूम होता है कि एक बड़ी भारी आवाज़ हो रही है। परन्तु हम जानते हैं कि एक बड़ी लहर असंख्य छोटी-छोटी लहरों से बनी है। और यद्यपि प्रत्येक छोटी लहर अपना शब्द करती है, परंतु फिर भी वह हमें सुनाई नहीं पड़ती । पर ज्यों ही ये सब शब्द आपस में मिलकर एक हो जाते हैं, त्यों ही हमें बड़ी आवाज़ सुनाई देती है। इसी प्रकार हृदय की प्रत्येक धड़कन कार्य है। कई कार्य ऐसे होते हैं, जिनका हम अनुभव करते हैं, वे हमें इन्द्रियग्राह्य हो जाते हैं, पर वे अनेक छोटे-छोटे कार्यों की समष्टि होते हैं।

(i) हृदय की प्रत्येक धड़कन को क्या कहा गया है?                                                   1

(ii) छोटे-छोटे कर्मों की समष्टि से क्या तात्पर्य है?                                                     2

(iii)‘इन्द्रियग्राह्य’ और ‘समष्टि’ शब्दों के अर्थ स्पष्ट कीजिए।                                       2

  1. (क) निम्नलिखित शब्द-युग्मों का सही अर्थ चयन करके लिखिए :

(i) तरंग-तुरंग                                                                                                     1

(अ) मन की लहर और शीघ्र      (ब) लहर और घोड़ा

(स) ध्वनि और घोड़ा                (द) तेज आवाज और धीमी आवाज।

 (ii) प्रणय-परिणय                                                                                               1

(अ) प्रेम और विवाह                 (ब) प्रणाम और परिणाम

(स) परिणाम और प्रणाम           (द) प्रेम और प्रयाण।

(ख)    निम्नलिखित शब्दों में से किसी एक शब्द के दो अर्थ लिखिए :                                   1

(i) नाक                     (ii) नाग                 (iii) कौशिक   

(ग)     निम्नलिखित वाक्यांशों के लिए एक सही शब्द का चयन करके लिखिए :                              1

(i) जो आँखों के सामने हो :

(अ) नेत्र सम्मुख                       (ब) प्रत्यक्ष

(स) आँख के आगे                   (द) प्रत्येक आँख

(ii) जिसकी गणना न की जा सके-                                                                        1

 (अ) अगणित                           (ब) अगणनीय

(स) अगणक                           (द)अगणीत

(घ)     निम्नलिखित में से किन्हीं दो वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए :                                    1

(i) मुझे भारी दुःख हुआ

(ii) गीता कितनी मधुर गाती है।

(iii) तितली के पास सुन्दर पंख होते हैं।

iv) साबुन नहाने का दे दो।

  1. (क) श्रृंगार रस अथवा वीर रस का लक्षण और एक उदाहरण लिखिए।                     2

(ख) श्लेष अलंकार अथवा भ्रांतिमान अलङ्कार का लक्षण और एक उदाहरण लिखिए। 2

(ग) सोरठा  छन्द अथवा चौपाई छन्द का लक्षण और उदाहरण लिखिए।                       2

  1. अपने क्षेत्र में फैली संकरामक बीमारी की समस्या के सम्बन्ध में मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखिए।                   6

अथवा

 अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य को छात्रवृत्ति के लिए एक आवेदन-पत्र लिखिए।

  1. निम्नलिखित विषयों में से किसी एक पर अपनी भाषा-शैली में निबन्ध लिखिए :  2+7= 9

          (क) राष्ट्रीय एकता वर्तमान समय की अनिवार्य आवश्यकता

          (ख) रोज़गार की समस्या

          (ग) स्वच्छ भारत अभियान

          (घ) जनसंख्या वृद्धिः कारण एवं निवारण

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